
इस लेख में आपको शिष्य शब्द के रूप कैसे लिखा जाता है इसके बारे में बताये है, जैसे की हमें मालूम है की अजन्त (अकारांत) पुल्लिंग संज्ञा शब्द है सभी पुल्लिंग संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनाते है।
जैसे, शिष्य, लोक, ईश्वर, नृप, कृष्ण, विद्यालय, ग्राम, तडाग, बाण, मृग, सर्प, शकट, देव, गज, राम, वृक्ष, सुर, मानव, अश्व, दिवस, ब्राह्मण, छात्र, सूर्य, दर्पण, दीप, छाग, कूप, चाप, चन्द्र आदि इसी प्रकार बनाये जाते हैं।
शिष्य शब्द के रूप | Shishya Shabd Roop
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | शिष्यः | शिष्यौ | शिष्याः |
| द्वितीया | शिष्यम् | शिष्यौ | शिष्यान् |
| तृतीया | शिष्येन् | शिष्याभ्याम् | शिष्यैः |
| चतुर्थी | शिष्याय | शिष्याभ्याम् | शिष्येभ्यः |
| पंचमी | शिष्यात् | शिष्याभ्याम् | शिष्येभ्यः |
| षष्ठी | शिष्यस्य | शिष्ययोः | शिष्यानाम् |
| सप्तमी | शिष्ये | शिष्ययोः | शिष्येषु |
| सम्बोधन | हे शिष्य! | हे शिष्यौ! | शिष्याः! |
शिष्य शब्द रूप (हिंदी अर्थ सहित)
| विभक्ति | सरल हिंदी अर्थ |
|---|---|
| प्रथमा | शिष्य |
| द्वितीया | शिष्य को |
| तृतीया | शिष्य से / शिष्य के द्वारा |
| चतुर्थी | शिष्य के लिए |
| पंचमी | शिष्य से |
| षष्ठी | शिष्य का |
| सप्तमी | शिष्य में / शिष्य पर |
| सम्बोधन | हे शिष्य! |
शिष्य शब्द रूप याद करने की आसान ट्रिक
- शिष्यः – शिष्यम् – शिष्यस्य
- शिष्येण – शिष्याय – शिष्ये
- शिष्याभ्याम् – शिष्यैः – शिष्येषु
👉 अकारान्त पुल्लिंग शब्दों में
–स्य, –योः, –षु का प्रयोग बार-बार आता है।
शिष्य शब्द से बने संस्कृत वाक्य
| संस्कृत वाक्य | हिंदी अर्थ |
|---|---|
| शिष्यः पठति। | शिष्य पढ़ता है। |
| गुरुः शिष्यं शिक्षयति। | गुरु शिष्य को पढ़ाता है। |
| शिष्येण प्रश्नः पृष्टः। | शिष्य के द्वारा प्रश्न पूछा गया। |
| गुरु: शिष्याय उपदेशं ददाति। | गुरु शिष्य को उपदेश देता है। |
| शिष्येषु उत्साहः अस्ति। | शिष्यों में उत्साह है। |
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