
इस लेख में आपको हरि शब्द रूप कैसे लिखा जाता है इसके बारे में बताये है जैसे की हमें मालूम है की हरि शब्द का रूप उकारांत पुल्लिंग होता है, इससे गिरि, पति, सखि, ऋषि, कवि, अग्री, कपि, तिथि, जलधि, मुनि, रवि आदि जैसे के रूप भी हरि शब्द के रूप की तरह ही बनते है।
हरि का मतलब भगवन या इश्वर होता है इनको हम सब पूजते है हरि के बदौलत ही हम सब साँस लेते है उकारान्त वाले शब्दों में पुँल्लिंग, स्त्रीलिंग व नपुंसकलिंग तीनो पाया जाता है।
हरि शब्द रूप – Hari Shabd Roop
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | हरिः | हरी | हरयः |
| द्वितीया | हरिं | हरी | हरीन् |
| तृतीया | हरिणा | हरिभ्याम् | हरिभिः |
| चतुर्थी | हरये | हरिभ्याम् | हरिभ्यः |
| पंचमी | हरेः | हरिभ्याम् | हरिभ्यः |
| षष्ठी | हरेः | हर्योः | हरीणां |
| सप्तमी | हरौ | हर्योः | हरिषु |
| सम्बोधन | हे हरे! | हे हरी! | हे हरयः! |
FAQ –
प्रश्न 1. हरि शब्द किस लिंग का होता है?
हरि शब्द पुल्लिंग माना जाता है.
प्रश्न 2. हरि शब्द किस श्रेणी में आता है?
यह अजन्त शब्द है, जिसका अंत ई कार पर होता है.
प्रश्न 3. हरि का बहुवचन क्या होता है?
प्रथमा बहुवचन हरयः होता है.
प्रश्न 4. हरि का अर्थ क्या है?
इसका अर्थ भगवान विष्णु, हरा रंग और हरने वाला भी होता है.
प्रश्न 5. हरि शब्द का धातु क्या माना जाता है?
हर् धातु से इसका संबंध माना जाता है.
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