
अतिथि शब्द एक इकारान्त पुल्लिंग संज्ञा रूप हैं। सभी प्रकार के इकारान्त पुल्लिंग संज्ञाओ के रूप कुछ इस प्रकार बनते है जैसे की, गिरि, रवि, अग्नि, कवि, हरि, ऋषि, यति, विधि, जलधि, अरि, अतिथि आदि।
अतिथि शब्द के रूप – Atithi Shabd Roop in Sanskrit
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | अतिथिः | अतिथी | अतिथयः |
| द्वितीया | अतिथिम् | अतिथी | अतिथीन् |
| तृतीया | अतिथिना | अतिथिभ्याम् | अतिथिभिः |
| चतुर्थी | अतिथये | अतिथिभ्याम् | अतिथिभ्यः |
| पंचमी | अतिथेः | अतिथिभ्याम् | अतिथिभ्यः |
| षष्ठी | अतिथेः | अतिथ्योः | अतिथीनाम् |
| सप्तमी | अतिथौ | अतिथ्योः | अतिथिषु |
| सम्बोधन | हे अतिथे! | हे अतिथी! | हे अतिथयः! |
अतिथि शब्द रूप (हिंदी अर्थ सहित)
| विभक्ति | सरल हिंदी अर्थ |
|---|---|
| प्रथमा | मेहमान |
| द्वितीया | मेहमान को |
| तृतीया | मेहमान से / मेहमान के द्वारा |
| चतुर्थी | मेहमान के लिए |
| पंचमी | मेहमान से |
| षष्ठी | मेहमान का |
| सप्तमी | मेहमान में / मेहमान पर |
| सम्बोधन | हे मेहमान! |
अतिथि शब्द रूप याद करने की आसान ट्रिक
- अतिथिः – अतिथिम् – अतिथेः
- अतिथिना – अतिथये – अतिथौ
- अतिथिभ्याम् – अतिथिभिः – अतिथिषु
👉 यह पूरा पैटर्न इकारान्त पुल्लिंग शब्दों के लिए एक-सा रहता है।
अतिथि शब्द से बने संस्कृत वाक्य
| संस्कृत वाक्य | हिंदी अर्थ |
|---|---|
| अतिथिः गृहे आगच्छति। | मेहमान घर आता है। |
| गृहस्थः अतिथिं पूजयति। | गृहस्थ मेहमान का सम्मान करता है। |
| अतिथिना गृहं शोभते। | मेहमान से घर सुंदर लगता है। |
| जनाः अतिथये भोजनं ददति। | लोग मेहमान के लिए भोजन देते हैं। |
| अतिथिषु आदरः आवश्यकः। | मेहमानों के प्रति आदर आवश्यक है। |
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