गुरू शब्द रूप | Guru Shabd Roop

guru Shabd Roop

इस लेख में आपको गुरू शब्द रूप कैसे लिखा जाता है इसके बारे में बताये है, जैसे की हमें मालूम है की गुरू शब्द का रूप उकारांत पुल्लिंग संज्ञा है। गुरू का मतलब शिक्षक होता है जो हमें शिक्षा देते है अच्छे-अच्छे ज्ञान की प्राप्ति कराते है हमें सही मार्ग का दर्शन कराते है।

उकारांत पुल्लिंग संज्ञाओं के रूप एक ही ढंग से बनाए जाते हैं। इस श्रेणी में आने वाले शब्दों में कई उदाहरण शामिल हैं, जैसे—गुरु, मनु, अणु, इक्षु, इन्दु, ऋतु, जन्तु, तन्तु, तरु, दयालु, प्रभु, पशु, बन्धु, भानु, बिन्दु, मृत्यु, रिपु, लघु, वायु, वेणु, विष्णु, शम्भु, शत्रु, शिशु, सिन्धु और हेतु आदि।

गुरू शब्द रूप – Guru Shabd Roop

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमागुरुःगुरूगुरवः
द्वितीयागुरुम्गुरूगुरून्
तृतीयागुरुणागुरुभ्याम्गुरुभिः
चतुर्थीगुरवेगुरुभ्याम्गुरुभ्यः
पंचमीगुरोःगुरुभ्याम्गुरुभ्यः
षष्ठीगुरोःगुर्वोःगुरुणाम्
सप्तमीगुरौगुर्वोःगुरुषु
सम्बोधनहे गुरो !हे गुरू !हे गुरवः !

मिलते जुलते शब्द रूप :-

किम् शब्द रूपअस्मद् शब्द रूपभानु शब्द रूप
युष्मद् शब्द रूपफल शब्द रूपभानु शब्द रूप
बालक शब्द रूपनदी शब्द रूपगम् धातु रूप
साधु शब्द रूपमति शब्द रूपराजा शब्द रूप
कवि शब्द रूपगुरू शब्द रूप
See also  फल शब्द रूप | Fal Shabd Roop

Leave a Comment