
इस लेख में आपको भानु शब्द रूप कैसे लिखा जाता है इसके बारे में बताये है जैसे की हमें मालूम है की भानु शब्द का रूप उकारांत पुल्लिंग होता है, इससे मधु, धेनु, ऋपु, गुरु के रूप भी भानु शब्द के रूप की तरह ही बनाये जाते है।
आपको बता दे की भानु का मतलब सूर्य होता है जिसके चक्कर पृथ्वी लगाती है और जिसके प्रकाश ही हमें विटामिन डी की प्राप्ति होता है उकारान्त वाले शब्दों में पुँल्लिंग, स्त्रीलिंग व नपुंसकलिंग तीनो पाया जाता है।
भानु शब्द रूप – Bhanu Shabd Roop
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
| प्रथमा | भानुः | भानू | भानवः |
| द्वितीया | भानुम् | भानू | भानून् |
| तृतीया | भानुना | भानुभ्याम् | भानुभिः |
| चतुर्थी | भानवे | भानुभ्याम् | भानुभ्यः |
| पंचमी | भानोः | भानुभ्याम् | भानुभ्यः |
| षष्ठी | भानोः | भान्वोः | भानूनाम् |
| सप्तमी | भानोः | भान्वोः | भानुषु |
| सम्बोधन | हे भानो ! | हे भानू ! | हे भानवः ! |
भानु शब्द रूप (हिंदी अर्थ सहित)
| विभक्ति | अर्थ (सरल हिंदी) |
|---|---|
| प्रथमा | सूर्य |
| द्वितीया | सूर्य को |
| तृतीया | सूर्य से / सूर्य के द्वारा |
| चतुर्थी | सूर्य के लिए |
| पंचमी | सूर्य से |
| षष्ठी | सूर्य का |
| सप्तमी | सूर्य में / सूर्य पर |
| सम्बोधन | हे सूर्य! |
भानु शब्द रूप याद करने की आसान ट्रिक
- प्रथमा / द्वितीया → भानुः, भानुम्
- तृतीया → भानुना (से / द्वारा)
- चतुर्थी → भानवे (के लिए)
- षष्ठी → भानोः (का)
- सप्तमी → भानौ (में / पर)
अगर आप रोज़ 2–3 बार इन्हें पढ़ते हैं, तो शब्द रूप जल्दी याद हो जाते हैं।
भानु शब्द से बने संस्कृत वाक्य
| संस्कृत वाक्य | हिंदी अर्थ |
|---|---|
| भानुः उदेति। | सूर्य निकलता है। |
| भानुः प्रकाशं ददाति। | सूर्य प्रकाश देता है। |
| भानुना जगत् प्रकाशितम्। | सूर्य से संसार प्रकाशित है। |
| भानौ जीवनं निर्भरम् अस्ति। | जीवन सूर्य पर निर्भर है। |
कुछ विशेष शब्द रूप