
इस लेख में आपको ईश्वर शब्द के रूप कैसे लिखा जाता है इसके बारे में बताये है, जैसे की हमें मालूम है की अजन्त (अकारांत) पुल्लिंग संज्ञा शब्द है सभी पुल्लिंग संज्ञाओ के रूप इसी प्रकार बनाते है।
जैसे, शिष्य, लोक, ईश्वर, नृप, कृष्ण, विद्यालय, ग्राम, तडाग, बाण, मृग, सर्प, शकट, देव, गज, राम, वृक्ष, सुर, मानव, अश्व, दिवस, ब्राह्मण, छात्र, सूर्य, दर्पण, दीप, छाग, कूप, चाप, चन्द्र आदि इसी प्रकार बनाये जाते हैं।
ईश्वर शब्द के रूप – Ishwar Shabd Roop
| विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमा | ईश्वरः | ईश्वरौ | ईश्वराः |
| द्वितीया | ईश्वरम् | ईश्वरौ | ईश्वरान् |
| तृतीया | ईश्वरेण | ईश्वराभ्याम् | ईश्वरैः |
| चतुर्थी | ईश्वराय | ईश्वराभ्याम् | ईश्वरेभ्यः |
| पंचमी | ईश्वरात् / ईश्वराद् | ईश्वराभ्याम् | ईश्वरेभ्यः |
| षष्ठी | ईश्वरस्य | ईश्वरयोः | ईश्वराणाम् |
| सप्तमी | ईश्वरे | ईश्वरयोः | ईश्वरेषु |
| सम्बोधन | हे ईश्वर! | हे ईश्वरौ! | हे ईश्वराः! |
ईश्वर शब्द रूप (हिंदी अर्थ सहित)
| विभक्ति | सरल हिंदी अर्थ |
|---|---|
| प्रथमा | भगवान |
| द्वितीया | भगवान को |
| तृतीया | भगवान से / भगवान के द्वारा |
| चतुर्थी | भगवान के लिए |
| पंचमी | भगवान से |
| षष्ठी | भगवान का |
| सप्तमी | भगवान में / भगवान पर |
| सम्बोधन | हे भगवान! |
ईश्वर शब्द रूप याद करने की आसान ट्रिक
- ईश्वरः – ईश्वरम् – ईश्वरस्य
- ईश्वरेण – ईश्वराय – ईश्वरे
- ईश्वराभ्याम् – ईश्वरैः – ईश्वरेषु
अकारान्त पुल्लिंग शब्दों में
–स्य, –योः, –षु बार-बार आते हैं।
ईश्वर शब्द से बने संस्कृत वाक्य
| संस्कृत वाक्य | हिंदी अर्थ |
|---|---|
| ईश्वरः सर्वं जानाति। | भगवान सब कुछ जानते हैं। |
| भक्तः ईश्वरं पूजयति। | भक्त भगवान की पूजा करता है। |
| ईश्वरेण जगत् पालितम्। | भगवान के द्वारा संसार संचालित है। |
| जनाः ईश्वराय नमन्ति। | लोग भगवान को नमस्कार करते हैं। |
| ईश्वरेषु श्रद्धा अस्ति। | ईश्वरों में श्रद्धा है। |
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